उत्तर प्रदेश: डीजीपी राजीव कृष्ण ने अपराधों की जांच को अधिक वैज्ञानिक और पारदर्शी बनाने के लिए क्राइम सीन मैनेजमेंट व फोरेंसिक साक्ष्य जुटाने संबंधी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है। इसमें हत्या, बलात्कार और पाक्सो जैसे गंभीर अपराधों की घटनास्थल पर तत्काल सुरक्षा और फोरेंसिक साक्ष्य संकलन के स्पष्ट दिशा-निर्देश शामिल हैं। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 176(3) के तहत यह एसओपी राजधानी स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला द्वारा तकनीकी सेवा शाखा के मार्गदर्शन में तैयार की गई है। इसमें पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारियां तय की गई हैं, ताकि जांच प्रक्रिया में लापरवाही न हो। डीजीपी ने स्पष्ट किया है कि एसओपी के पालन में ढिलाई बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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